असम विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। इसी कड़ी में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुवाहाटी में भारतीय जनता पार्टी का चुनावी घोषणापत्र, जिसे पार्टी ‘संकल्प पत्र’ कहती है, जारी किया। इस दौरान मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा, प्रदेश अध्यक्ष दिलीप सैकिया और अन्य वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे।
एक दशक के बदलाव को आधार बनाकर तैयार संकल्प पत्र
घोषणापत्र जारी करते हुए निर्मला सीतारमण ने कहा कि बीजेपी का यह संकल्प पत्र असम में पिछले एक दशक में हुए बदलावों पर आधारित है। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि जो काम कांग्रेस 60 वर्षों में नहीं कर पाई, वह बीजेपी ने अपने कार्यकाल में संभव किया। उन्होंने यह भी कहा कि उत्तर-पूर्व के विकास को कांग्रेस सरकारों ने लंबे समय तक नजरअंदाज किया।
शांति, स्थिरता और विकास पर बीजेपी का जोर
सीतारमण ने कहा कि असम में शांति और विकास के लिए स्थिरता बेहद जरूरी है। उन्होंने दावा किया कि बीजेपी शासन के दौरान राज्य में अवसर बढ़े हैं, जिसके चलते बड़ी संख्या में युवा अब अपने राज्य लौट रहे हैं।
9 अप्रैल को मतदान, 4 मई को आएंगे नतीजे
असम में 126 विधानसभा सीटों के लिए एक ही चरण में 9 अप्रैल को मतदान होगा, जबकि चुनाव परिणाम 4 मई को घोषित किए जाएंगे। राज्य में मुख्य मुकाबला बीजेपी और कांग्रेस के बीच माना जा रहा है।
‘नए असम’ के लिए बड़े वादे, असमिया पहचान पर फोकस
बीजेपी के संकल्प पत्र में ‘नए असम’ के निर्माण का वादा करते हुए भूमि, विरासत और मूल असमिया लोगों की गरिमा की रक्षा को प्राथमिकता दी गई है। पार्टी ने ‘भूमि जिहाद’ के खतरे से निपटने के लिए कड़े कदम उठाने की बात कही है।
असम को पूर्वी प्रवेश द्वार बनाने का लक्ष्य
घोषणापत्र में असम को भारत के पूर्वी प्रवेश द्वार के रूप में विकसित करने के लिए 5 लाख करोड़ रुपये के निवेश का वादा किया गया है। इसके साथ ही रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और जनकल्याण से जुड़े कई अन्य अहम बिंदुओं को भी शामिल किया गया है।
